हापुड़, जून 1 -- टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें फर्जी बिलिंग, अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हस्तांतरण, कागजी फर्मों के संचालन तथा कर व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं एवं ईमानदार करदाताओं तथा अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

फर्जी बिलिंग और आईटीसी के प्रभाव ज्ञापन में बताया गया कि फर्जी बिलिंग एवं अवैध आईटीसी के कारण न केवल सरकारी राजस्व को भारी क्षति हो रही है, बल्कि ईमानदार व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं के हित भी प्रभावित हो रहे हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि ऐसे मामलों में बी2बी लेन-देन, ई-वे बिल, बैंकिंग ट्रांजैक्शन एवं माल के वास्तविक मूवमेंट की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । जो असल में म...