खगडि़या, अप्रैल 18 -- बेलदौर । एक संवाददाता कर्म को सुधारने के लिए भगवान का भजन आवश्यक है। यह बातें शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित गांधी इंटर हाईस्कूल के खेल मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा वाचिका वर्षा नागर ने कही। उन्होंने कहा कि जीवन में सदैव अच्छा कर्म के साथ भगवान का भजन करना चाहिए। राजा दशरथ के मरने के समय पुत्र के सामने में नहीं होने पर उन्हें अपने किए कर्म की याद आने लगी। जिसमें जलाशय किनारे वाण लगने से श्रवण के तड़प तड़प कर मरने ने की बात याद आ रहा था, जो अपने अंधे माता-पिता को कंधे पर लेकर तीर्थ यात्रा करवाने निकला था। जिसे अंजान में शब्द बेदी बाण लगने से मौत हो गई थी। राजा दशरथ ने वृद्ध माता पिता से उनके पुत्र की अंजान में बाण लगने से मौत होने की बात कहकर क्षमा करने की आग्रह विनय करने लगा...