लखनऊ, अप्रैल 9 -- बीते नौ वर्षो से शासन में बैठे अफसर कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा कर रहे हैं। लंबे अरसे से चली आ रही मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, आठवें वेतन आयोग के गठन में हीलाहवाली, रुके हुए मंहगाई भत्ते व अन्य भत्तों की बहाली, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पदों पर भर्ती, समस्त विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती तथा वर्तमान समय में मानव सम्पदा व कर्मयोगी योजना के नाम पर कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक रूप से उत्पीड़ित करने जैसे तुगलकी आदेशों के विरोध में करीब 30 कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन की चेतावनी दी है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उप्र मिनिस्ट्रीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने की। उन्होंने सरकार को इस संबंध में नोटिस जारी करते हुए कर्मचारियों का शोषण बंद करने की गुह...