लखनऊ, नवम्बर 30 -- श्रम मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को लोक भवन में बताया कि नई श्रम संहिता के मुताबिक 300 से ज्यादा कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को अब छंटनी के पहले प्रदेश सरकार की अनुमति लेनी होगी। न केवल छंटनी बल्कि बंदी के लिए भी यही व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त सामूहिक अवकाश को भी हड़ताल में शामिल किया गया है और 14 दिनों की पूर्व सूचना के बिना किसी भी हड़ताल या तालाबंदी पर रोक लगा दी गई है। मंत्री ने रविवार को विस्तार से श्रम संहिताओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योगों और श्रमिकों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए शिकायत परितोष समिति, वार्ताकारी परिषद और दो सदस्यीय औद्योगिक अधिकरण का गठन किया गया है। नई संहिताएं 21 नवंबर से प्रदेश में प्रभावी हो चुकी हैं। इन सुधारों से श्रम कानूनों की जटिलताओं में कमी आई है। पारदर्शिता बढ़ान...
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