प्रयागराज, जून 19 -- प्रयागराज, संवाददाता। माहे मोहर्रम के तीसरे दिन शुक्रवार को मजलिसों और मातम का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। आलमचंद अजाखाने पर हसन आमिर की ओर से आयोजित मजलिस में मौलाना जमीर हैदर रिजवी ने सिराते मुस्तकीम पर चलने की हिदायत दी। वहीं कर्बला के शहीदों की शहादत का बयान किया तो लोगों की आंखें नम हो गईं। मजलिस से पहले सज्जाद हल्लौरी और चंदन फैजाबादी ने कर्बला के शहीदों को याद किया। अंजुमन गुंचा एकासिमया के नौहाख्वानों नेयाज़ुल हसन, हाशिम बांदवी, जिब्रान, सैय्यद हैदर मेंहदी, यासिर मंज़ूर ने शायरा शबीह फात्मा जव्वादी का नौहा पढ़ा तो आहो बुका की सदाएं गूंजने लगी। दरियाबाद में कमाल खां के टेकरे पर अजाखाना निशाद हुसैन अफरोज और मौलाना इरफान हैदर ने मजलिस को खिताब किया। शहंशाह सोनवी ने मर्सिया और अंजुमल हुसैनिया के नौहाख्वानों ने पु...