सिद्धार्थ, जून 27 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। जिले में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को पूरी अकीदत, गम और अनुशासन के साथ मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक या हुसैन, या अली की सदाओं के बीच कर्बला के शहीदों को याद किया गया। इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन हुआ, जहां उलेमाओं ने हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्बला का पैगाम अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने, सत्य का साथ देने और इंसानियत की रक्षा करने की सीख देता है। यह भी पढ़ें- अलम उठा किया मातम, तजिए सुपुर्द ए खाकजुलूस और ताजिया मोहर्रम की 10वीं तारीख पर दोपहर बाद जिले के विभिन्न इमामबाड़ों से ताजिया, अलम और जुलूस निकाले गए। मातमी धुनों, नौहाख्वानी और या हुसैन की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने सीना-ज़नी कर गम का इज़हार किया। कई स्थानों पर हुसैनी मातमदारों न...