कर्बला इंसानियत व सब्र का सबसे बड़ा पैगाम देता है
अंबेडकर नगर, जून 30 -- अम्बेडकरनगर। बज्मे सुखन के तत्वावधान में बसखारी में जिक्र शोहदा-ए-कर्बला का आयोजन कुमैल अहमद सिद्दीकी के संयोजन व हकीम इरफान की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अहमद सईद टांडवी ने नाते पाक से किया। हकीम इरफान आजमी ने कहा कि कर्बला का वाकिआ इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और हक की राह में डटे रहने का सबसे बड़ा पैगाम देता है। शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपनी व अपने अहलेबैत की कुर्बानी देकर यह साबित कर दिया कि जुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकना मोमिन की शान नहीं है। यह भी पढ़ें- कुंदरकी में इमाम हुसैन, 18 बनी हाशिम की कुर्बानियों को याद किया कुमैल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि आज के दौर में कर्बला की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की सबसे अधिक...
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