नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य में टाइगर सफारी पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू और न्यायमूर्ति सी.एम. पूनाचा की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत हलफनामा दाखिल कर कोर, बफर और पर्यटन क्षेत्रों का स्पष्ट सीमांकन बताए और यह भी स्पष्ट करे कि किन-किन स्थानों पर सफारी संचालित की जा रही है।अदालत यह फैसला मैसूरु निवासी वी. रविकुमार द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया। याचिका में टाइगर सफारी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि आरक्षित वनों के उन हिस्सों में सफारी कराई जा रही है, जो बाघों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आवास (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) हैं, और यह स्थापित संरक्षण दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। यह भी पढ़ें- पायलट प्रोजेक्ट ...