नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- कर्नाटक कैबिनेट ने गुरुवार को शुभा शंकर की दया याचिका खारिज कर दी। शुभा को 2003 में अपनी सगाई के तीन दिन बाद अपने मंगेतर की हत्या करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। चर्चित 'रिंग रोड मर्डर केस' में लॉ की छात्रा शुभा ने अपने प्रेमी अरुण वर्मा और उसके साथियों के साथ मिलकर 3 दिसंबर 2003 को 27 वर्षीय गिरीश की हत्या कर दी थी। गिरीश एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे।

दया याचिका खारिज करने की वजह कैबिनेट बैठक में शुभा की याचिका पर लिए गए फैसले के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा कि इस (दया याचिका) को खारिज कर दिया गया है क्योंकि कानून में इसके लिए कोई गुंजाइश नहीं है। हमने कानून विभाग से राय ली थी। उनके सुझाव के आधार पर हमने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अरुण लॉ कॉलेज में शुभा से एक साल जूनियर था, जिससे...