वार्ता, जनवरी 24 -- गणतंत्र दिवस परेड में इस बार ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर पहली बार सेना की रणभूमि व्यूह रचना यानी 'बैटल एरे' की दुर्लभ झलक दिखाई देगी। इसके तहत सेना अपने सशक्त और भविष्य के किसी भी तरह के युद्ध के लिए अपनी तैयारी का प्रदर्शन करेगी। यह ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को श्रद्धांजलि होगी। इसके अंतर्गत सेना के जवान पहली बार एक विशिष्ट और अनोखी रणभूमि व्यूह रचना "बैटल एरे" फार्मेशन में दिखाई देंगे। इसमें दर्शकों को आधुनिक युद्धक्षेत्र में एकीकृत,नेटवर्क-सक्षम और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस बल के रूप में सेना की तैनाती और युद्ध प्रणाली की दुर्लभ झलक देखने को मिलेगी।सेना की झांकी में क्या-क्या होगा सेना की झांकी में एक एकीकृत संचालन केंद्र को प्रदर्शित किया जाएगा, जो "सुदर्शन चक्र" के सुरक्षा कवच के अंतर्गत संयुक्त योजना, सटीक लक्ष्य नि...