संभल, जनवरी 8 -- आवारा कुत्तों और पशुओं से जुड़ी समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और स्पष्ट निर्देश के बावजूद संभल में हालात जस के तस बने हुए हैं। देश की सर्वोच्च अदालत ने इस समस्या को केवल डॉग बाइट तक सीमित न मानते हुए इसे सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा बताया था। लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। सात नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी को सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए इन्हें तत्काल हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी संभल के स्कूल परिसरों, जिला अस्पताल और बस अड्डों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा आम बात हो गई है। इससे बच्चों, मरीजों और आम राहगीरों में डर का माहौल बना हुआ है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 लोग कुत्तों के ...