कर्ज के नाम पर भरण-पोषण की जिम्मेदारी कम नहीं हो सकती : कोर्ट
रांची, अगस्त 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद में पति की आय और कर्ज को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पत्नी के लिए 30 लाख रुपए स्थायी भरण-पोषण तय किया है। पहले 10 लाख रुपये मिल चुके थे, इसलिए अब पति को 20 लाख रुपए चार बराबर किस्तों में देने होंगे। साथ ही नाबालिग बेटी के नाम 30 लाख रुपए की सावधि जमा कराने का निर्देश दिया गया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पत्नी की अपील पर यह आदेश दिया। दोनों की शादी 28 दिसंबर 2016 को भिलाई में हुई थी। दोनों की एक बेटी है। वैवाहिक विवाद के बाद पति ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक का मुकदमा दायर किया था। पारिवारिक न्यायालय ने 25 मार्च 2025 को तलाक मंजूर कर दिया था। हाईकोर्ट में पत्नी ने कहा कि उसकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है। पति ने हलफनामे...
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