नई दिल्ली, अगस्त 19 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। डिजिटल लोन के बढ़ते चलन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक अब उन ऐप और कंपनियों की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहा है, जो ग्राहकों को बार-बार लोन उपलब्ध करा रही हैं। खासकर ऐसे मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है, जहां ग्राहक एक छोटा लोन चुकाने के बाद तुरंत दूसरा लोन ले लेते हैं। इससे कर्ज का बोझ लगातार बढ़ने और ग्राहक के 'डेट ट्रैप' यानी कर्ज के जाल में फंसने का जोखिम रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई ऐसे लोन मॉडल पर निगरानी बढ़ा सकता है और आने वाले समय में इसके लिए सख्त नियम भी लागू किए जा सकते हैं। डिजिटल लोन ऐप्स ने कुछ ही मिनट में कर्ज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। कम दस्तावेज और तेज मंजूरी के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इसी सुविधा का दूसरा प...