नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आरबीआई ने ऋण से जुड़े नए नियमों में कई अहम प्रावधान किए हैं। इसके तहत समय पर कर्ज भरने से चूकने (डिफॉल्ट) पर सख्ती भी बढ़ाई गई है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अब बैंकों को ग्राहकों को पहले ही बता देना होगा कि अगर वे समय पर किस्त नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें क्या नुकसान होगा। उनको लोन खाता एनपीएन श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिससे भविष्य में लोन लेना कठिन और महंगा हो सकता है। नए प्रावधानों के तहत, ऋण अनुबंध में यह साफ-साफ लिखा होगा कि किस्त समय पर न भरने पर खाता गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) बन सकता है और इसका सीधा असर ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल यानी सिबिल स्कोर पर पड़ेगा। यह भी पढ़ें- बैंकों को कर्ज की सभी शर्तें स्पष्ट रूप से बतानी होंगी आरबीआई के मुताबिक, अगर किसी भी कर्ज का मूलधन...