फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 23 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। करोड़ों की लागत से लोहिया अस्पताल और एल-2 फतेहगढ़ में वेंटीलेटर तो लगवा दिये गये मगर यह वेंटीलेटर कैसे चलेंगे इसकी तैयारी नहीं की गई। हालत यह हैं कि वेंटीलेटर की जरूरत वाले मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है। दोनों ही अस्पतालों में जो 27 वेंटीलेटर लगे हैं वह धूल फांक रहे हैं। ऐसे में जान बचाने को लोग निजी अस्पतालों में इलजाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। कोरोना लहर में लोहिया अस्पताल में 17 वेंटीलेटर और फतेहगढ़ के एल-2 में 10 वेंटीलेटर करोड़ों की लागत से लगवाये गये थे। वेंटीलेटर स्थापित होने के बाद दावा किया गया था कि इनके लग जाने से अब गंभीर रोगियों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मगर लंबे समय तक सेहत महकमा वेंटीलेटर के लिए जरूरत का स्टाफ भी नहीं जुटा पाया। कोरोना काल को खत्म हुये...