सराईकेला, अप्रैल 28 -- सरायकेला/राजनगर, संवाददाता। सरकार का दावा है 'हर घर नल का जल', लेकिन हकीकत में सरायकेला व राजनगर के 15 गांवों की 6500 जनता प्यासी है। तितिरबिला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एक महीने से ठप है। 14 करोड़ से तैयार यह ढांचा प्रशासन की अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। सन 2018 में शुरू हुई ये योजना 2024 तक बन तो गयी, पर हर घर को नल से जोड़ा नहीं जा सका है। यहां तक किपाइपलाइन बिछाने और टंकियां बनाने में तेजी तो दिखाई गई, लेकिन बिजली की समस्या (लो-वोल्टेज) का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। नतीजतन, राजनगर पंचायत भवन और तितिरबिला के पास बनी लाखों लीटर क्षमता की जलमीनारें खाली पड़ी हैं। यह भी पढ़ें- 6.38 करोड़ से बनी टंकी से ग्रामीणों को नहीं मिला पानी आलम यह है कि योजना के तहत पाइपलाइन और नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनसे पानी की एक बूंद भी नहीं टप...
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