लखनऊ, अक्टूबर 27 -- हजरतगंज में हरिओम मंदिर मार्ग पर जिलाधिकारी कम्पाउंड के बाहर कार के अंदर शनिवार देर रात कार सवार ईशान गर्ग ने करोड़ों के कर्ज से परेशान होकर खुद को गोली मार कर जान दी थी। ईशान ने बैंक और लोगों से कर्ज ले रखा था। वह सट्टा भी खेलता था। कई साल पहले राजाजीपुरम एफ ब्लाक स्थित अपना पैतृक मकान और पिता की कार भी बेच चुका था। जिस कार में उसने आत्महत्या की वह उसे भी बेचने के कारण ग्राहक खोज रहा था। यह खुलासा पुलिस की तफ्तीश में हुआ। पुलिस की सूचना पर रविवार को हरियाणा गुरुग्राम सेक्टर-66 में रहने वाली ईशान की बहन शुभी और बहनोई वंशज अग्रवाल लखनऊ पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह की पूछताछ में बताया कि करीब डेढ़ साल पूर्व ईशान से उनकी बात हुई थी। इसके बाद से बात नहीं हुई। वह न तो बात करता था न ही उनसे मिलने जाता था। ...