सिमडेगा, मार्च 5 -- ठेठईटांगर, प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जलापूर्ति परियोजना अब ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय चिंता का विषय बन गई है। इस योजना के तहत ठेठईटांगर और जोराम पंचायत के करीब 2000 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन निर्माण के एक वर्ष बाद भी नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार पिछले एक साल से केवल ट्रायल के नाम पर अनियमित जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सैकड़ों स्थानों पर पाइपलाइन से पानी का रिसाव हो रहा है। कई मोहल्लों में आज तक पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। जहां पानी पहुंच रहा है वहां भी लीकेज के कारण गंदा और दूषित पानी घरों तक आ रहा है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है औ...