कानपुर, मार्च 23 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सारस्वत पैथोलॉजी से करोड़ों रुपये की ठगी मामले में आरोपी दो सगी बहनों की अग्रिम जमानत अर्जी अपर जिला जज रघुबर सिंह ने खारिज कर दी है। ठगी की रकम जिन खातों में पहुंची, सगी बहनें उनका संचालन करती थीं। अग्रिम जमानत अर्जी में दोनों बहनों ने गलत फंसाए जाने की दलील दी। जिसे नहीं माना गया। डॉ. सारस्वत पैथालॉजी के संचालक आजाद नगर निवासी प्रवीण सारस्वत से साइबर ठगों ने 3,30,40,000 रुपये की ठगी की थी। प्रवीण ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना के दौरान लखनऊ की इंदिरा नगर की सगी बहनें 21 वर्षीय साक्षी और 19 वर्षीय गार्गी का नाम सामने आया था। दोनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जियां दाखिल की थीं। अग्रिम जमानत अर्जी में दोनों ने गलत फंसाए जाने की दलील...