गोंडा, फरवरी 27 -- स्वास्थ्य महकमें सबसे ज्यादा संविदा कर्मचारियों को है। उन्हें के बल पर महकमा चल रहा है फिर भी उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। कम वेतन में ज्यादा काम करने वाले इन कर्मचारियों के जिंदगी में आराम नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि उन्हें वर्ष में गिनी - चुनी छुट्टियां ही मिल रहीं हैं। समय से वेतन मिलना भी मुहाल है। जिले में स्वास्थ्य महकमें में लगभग पांच हजार से अधिक संविदाकर्मी लोगों के दर्द पर मरहम लगा रहे हैं लेकिन लोगों के दर्द की दवा देने वाले कर्मचारी खुद संविदा की व्यवस्था के दर्द से कराह रहे हैं। वेतन, छुट्टी से लेकर विभागीय अफसरों के व्यवहार से वह संतुष्ट नहीं है। समस्याओं का जिक्र आते ही उनका दर्द छलक पड़ता है। उनका सबसे बड़ा दर्द यह है कि संविदा का जिला स्तर का अफसर परमानेंट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी...
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