बिहारशरीफ, अगस्त 4 -- कम पानी में फसल की अच्छी सिंचाई : हरनौत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक उमेश नारायण उमेश कहते हैं खेती में लगातार गिरते भूजल स्तर और मानसून की अनिश्चितता के बीच टपक (ड्रिप) और स्प्रिंकलर सिंचाई विधि किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह आधुनिक तकनीक न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि कम लागत में बंपर पैदावार देने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है। खासकर जब मानसून दगा दे जाता है, तब अन्नदाता इस तकनीक के सहारे बेहद कम पानी में अपनी फसलों की शानदार सिंचाई कर अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं।

पानी की बर्बाद होती है कम : सरदार बिगहा के किसान धनंजय कुमार कहते हैं कि पारंपरिक तरीके से खेतों की सिंचाई करने में पानी की काफी बर्बादी होती है और सिंचाई के लिए किसानों को कई घंटों तक मोटर चलाना पड़ता है। इससे बिजली की खपत अधिक...