कानपुर, अक्टूबर 27 -- कानपुर। बुंदेलखंड जैसे कम पानी वाले इलाकों में खेती करना किसानों के लिए अब आसान होगा। क्योंकि, आईआईटी की तकनीक से खेती में पानी की बचत होगी, खर्च कम होगा और उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संस्थान के वैज्ञानिकों ने स्मार्ट सिंचाई तकनीक विकसित की है। इसकी मदद से मिट्टी में नमी की निगरानी कर जरूरत के मुताबिक ही फसलों तक पानी पहुंचेगा। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और फसलों के लिए मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी उपलब्ध रहेगी। आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के शशिकांत यादव, सिविल इंजीनियरिंग की आकांक्षा, गणित एवं सांख्यिकी विभाग की शर्वाणी जाधव व विनीत कुमार, कंप्यूटर साइंस के नरेंद्र सिंह और डिजाइन विभाग के डॉ. अमरनाथ बेहरा ने यह तकनीक विकसित की है। इस तकनीक का नाम 'मॉड्यूलर सिस्टम एंड मेथड फॉर इरिगेटिंग वाटर इन मॉइस्...