मेरठ, मार्च 18 -- आजकल कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। इनकी बड़ी वजह अनुवांशिक है। जिन परिवारों में किसी भी सदस्य को हृदय रोग पहले कभी भी हो चुका है, ऐसे लोगों को 35 वर्ष की उम्र से दिल की जांच नियमित रूप से करानी शुरू कर देनी चाहिए। यह जानकारी वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में एलाइड एंड हेल्थ केयर कॉलेजियम के प्रथम सम्मेलन में दी। उन्होंने छात्रों को हृदय किस तरह काम करता है, इसमें कौन-कौन सी बीमारियां और इलाज की बारीकियां समझाईं। कार्यक्रम में डॉ. राजीव अग्रवाल ने पैरामेडिकल का कोर्स कर रहे छात्रों को नसीहत दी कि शिक्षा के दौरान बस दस वर्षों के लिए अपनी इच्छाओं को एक डिब्बे में बंद कर रख लें। फिर जब आप दस वर्ष बाद इस डिब्बे को खोलें तो समझ जाएंगे कि जो उनकी इच्छाएं थीं, वह तो सब बेक...