नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- अमेरिका में डॉक्टरों ने अंग प्रत्यारोपण की दुनिया में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। जेनेटिकली एडिट किए गए सुअर की किडनी एक मरीज के शरीर में 271 दिनों तक काम करती रही और इस दौरान उसे डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी। इसके बाद जब किडनी की कार्यक्षमता कम हुई तो उसे निकाल दिया गया और मरीज को इंसानी डोनर की किडनी सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट कर दी गई। यह मामला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार किसी मरीज को सुअर की किडनी से इंसानी किडनी ट्रांसप्लांट तक सफलतापूर्वक पहुंचाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को डॉक्टर भविष्य में उन मरीजों के लिए एक तरह के 'ब्रिज' के रूप में देख रहे हैं, जिन्हें इंसानी किडनी मिलने में लंबा समय लग सकता है। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट 3 सितंबर 2026 को प्रसिद्ध जर्नल The Lancet में प्रकाशित हुई।कौन हैं म...