जहानाबाद, दिसम्बर 29 -- जहानाबाद, निज संवाददाता। सर्दियों में बंद कमरों में बोरसी या कोयला जलाना जानलेवा हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बोरसी में इस्तेमाल होने वाले कोयले या लकड़ी के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड के अलावा कई जहरीली गैसें निकलती हैं। अगर लकड़ी या कोयला बंद कमरे में जल रहा हो तो इससे कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ जाता है और ऑक्सीजन का लेवल घट जाता है। यह कार्बन सीधे दीमाग पर असर डालता है और सांस के जरिये पूरे शरीर में फैल जाता है। दीमाग पर असर होने के कारण इंसान बेहोश हो जाता है। डॉक्टर के मुताबिक कोशिश करें कि कमरे में बोरसी न जलाएं। अगर ऐसा कर रहे हैं तो कमरे को खुला छोड़ दें। बंद होने पर धीरे-धीरे कमरे का ऑक्सीजन खत्म हो जाती है व कार्बन मोनोऑक्साइड सांस के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर खून में मिल जाती है। इससे खून में हीमोग्ल...