मुजफ्फरपुर, अगस्त 29 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुशहरी के वैज्ञानिकों ने स्टिंक बग कीट के प्रकोप पर नया शोध किया है। इसमें कमजोर मानसून के कारण कीट की संख्या में बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जुलाई से सितंबर तक स्टिंक बग के अंडा छोड़ने का समय रहता है। इन तीन महीनों में तेज बारिश नहीं हुई तो स्टिंक बग का अंडा नहीं नष्ट हो पता है और छोटे-छोटे कीट पनपने लगते हैं। यही कीट लीची को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।

अध्ययन के निष्कर्ष केन्द्र के निदेशक डॉ. विकास दास ने बताया कि विगत तीन वर्षों से देखा जा रहा है कि मानसून कमजोर होने के कारण समय से बारिश नहीं हो पा रही है, जिससे स्टिंक बग कीट का तेजी से विकास हो जाता है। इसबार भी मानसून कमजोर है, जिसके कारण स्टिंक बग का प्रकोप बढ़ने की आशं...