वाराणसी, सितम्बर 29 -- वाराणसी। मधुमेह हार्ट फेल्योर (हृदय की कार्य क्षमता कम होना) के मरीजों में मौत का खतरा भी बढ़ा सकता है। राष्ट्रीय स्तर के एक अध्ययन में सामने आया है कि हार्ट फेल्योर के साथ मधुमेह वाले मरीजों में एक साल में किसी भी कारण से मौत का जोखिम अन्य मरीजों की तुलना में अधिक होता है। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल सहित देश के 21 राज्यों के 53 अस्पतालों में 10,850 हार्ट फेल्योर मरीजों पर शोध किया गया। बीएचयू के कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रो. धमेंद्र जैन सहित देशभर के कॉर्डियोलॉजिस्ट ने एक साल तक इनका फॉलोअप किया। करीब 43 प्रतिशत मरीजों को मधुमेह था। एक साल के फॉलोअप में सभी हार्ट फेल्योर मरीजों की मृत्यु दर 22.1 प्रतिशत रही। यानी हार्ट फेल्योर के एक साल के अंदर करीब हर चौथे मरीज की मौत हो गई। इसमें मधुमेह वाले मरीज 23.2 प्रतिशत थे...