कभी स्कूल नहीं गए, फिर भी बने भारत के पहले शिक्षा मंत्री; IIT और UGC जैसी संस्थाओं की रखी नींव
नई दिल्ली, जुलाई 31 -- इस वक्त भारत में एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है। परीक्षाओं, शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही और शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दे लगातार बहस का विषय बने हुए हैं। हाल ही में शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव हुआ है। नीट पेपर लीक 2026 को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया। इसी बीच लोगों का ध्यान आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की ओर गया, जिनकी कहानी आज भी उतनी ही प्रेरणादायक है। वे कभी किसी स्कूल या कॉलेज में नहीं गए, लेकिन उन्होंने ही IIT, UGC जैसी संस्थाओं की नींव रखने और आधुनिक भारत की शिक्षा व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आजाद भारत की शिक्षा व्यवस्था की रखी नीं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.