जयपुर, जुलाई 8 -- कभी आर्थिक तंगी, सामाजिक ताने और भविष्य की अनिश्चितता इन बेटियों की पहचान हुआ करती थी। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जिन हाथों ने कभी घर चलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हीं हाथों में अब कार की चाबियां हैं और स्टीयरिंग है। जयपुर में आयोजित एक समारोह में छह महिलाओं को पेशेवर चालक बनने के बाद कारों की चाबियां सौंपी गईं। यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि उन महिलाओं की जीत का जश्न था जिन्होंने गरीबी और समाज की बंदिशों को पीछे छोड़ आत्मनिर्भरता की नई राह चुनी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आजाद फाउंडेशन और एसबीआई फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'महिला बदलाव की सारथी - महिला चालक सम्मान समारोह' में इन महिला चालकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अ...