नई दिल्ली, फरवरी 14 -- फाल्गुन मास की अमावस्या हिंदू धर्म में पितरों की पूजा और तर्पण के लिए सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। इस दिन पितर देव पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों से श्रद्धा, तर्पण तथा दान की अपेक्षा करते हैं। फाल्गुन अमावस्या पर किया गया तर्पण, दान और पूजा अक्षय पुण्य प्रदान करता है। साथ ही यह पितृदोष निवारण और परिवार में सुख-शांति लाने का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है। 2026 में फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी, दिन-मंगलवार, को मनाई जाएगी। इस दिन मंगलवार होने के कारण इसे भोमवती अमावस्या भी कहा जाता है। भोमवती अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष लाभ मिलता है।फाल्गुन अमावस्या की तिथि और समय पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या 16 फरवरी 2026 की शाम 5:34 बजे से शुरू होकर 17 फरवरी की शाम 5:30 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार...
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