नई दिल्ली।, सितम्बर 13 -- मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) तबाह हो चुका है। इस समुद्री मार्ग से होकर पहले की तुलना में काफी कम संख्या में जहाज गुजर रहे हैं। इसकी वजह से भारत सहित दुनिया के कई देशों को पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत का सामना कर पड़ रहा है। इस सबके बीच ईरान ने इसको दोबारा खोलने के संकेत दिए हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका के सामने शर्तें भी रख दी हैं। ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की यात्रा पर आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नाकेबंदी और सैन्य गतिविधियां बंद कर दे तो ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समुद्री ढांचे के तहत काम करने को तैयार है। उन्होंने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ये बातें कही हैं। पेजेश्कियान ने कहा कि ई...