सुल्तानपुर, अप्रैल 4 -- सुलतानपुर, संवाददाता। नंदगांव ढाबे की महिलाओं ने कमाल कर दिखाया है। पेड़ पौधों से गिरने वाली सुखी पत्तियां को इकट्ठा करके उसमें डी कंपोजर मिला करके उसकी खाद बनाई जा रही है और उनका उपयोग पौधों में फर्टिलाइजर के तौर पर किया जा रहा है। इसका रिजल्ट कमाल का है। महज तीन महीने के अंजीर, अमरूद, नींबू और आम के पेड़ों में फल आ रहे हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि सूखे पत्ते की खाद सबसे ज्यादा उपयोगी मानी जाती हैं। पत्तियां को डी कंपोज करने के लिए किसी केमिकल डी कंपोजर की जगह छाछ,गुड़ और गोबर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूखे पत्ते के अलावा किचन वेस्ट का उपयोग भी खाद बनाने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा किचन से निकलने वाले चावल का पानी,दाल का पानी, इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती का उपयोग भी पेड़ पौधों में किया जा रहा और उसका रिजल्ट...
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