कपिलमुनि के पानी देने के साथ ही पितृपक्ष शुरू
हाजीपुर, सितम्बर 26 -- कपिलमुनि के पानी देने के साथ ही पितृपक्ष शनिवार से शुरू हो गया। लोग इसे अगस्त तर्पण कहते हैं। पितृपक्ष में मनुष्य अपने मरे हुए पूर्वजों यानी पितरों को याद करते हैं। उनकी पूजा अर्चना कर पूरे आश्विन माह के कृष्ण पक्ष के दौरान उन्हें पानी दिया जाता है। इस दौरान लोग श्राद्धकर्म एवं पिंडदान भी करते हैं। यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, जानें श्राद्ध कैसे करें, तर्पण-पिंडदान की विधि और जरूरी नियमपितरों की पूजा आचार्य राजेश कुमार झा काशी ने बताया कि श्रद्धा से किया गया वो सभी कार्य जो पितरों यानी पूर्वजों के लिये किया जाता है,उसे श्राद्ध कहते हैं और श्राद्ध करने को पितरों के लिये यज्ञ करना कहा गया है। शास्त्रों में मनुष्य के लिये तीन प्रकार के ऋण की चर्चा की गई है। पितृ ऋण से मुक्ति के लिये...
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