कथा श्रवण से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है: संत रमेश
रिषिकेष, मई 10 -- कथा मर्मज्ञ संत रमेश भाई ओझा ने कहा कि जब हम कथा श्रवण करते हैं तो हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव जागृत होता है। कहा कि माँ गंगा की निर्मलता और प्रकृति का संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। रविवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक रमेश भाई ओझा ने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कहा कि वैसे तो हर दिन, हर क्षण, हर पल ही मातृ शक्ति को समर्पित है। यह भी पढ़ें- गंगा को चुनरी चढ़ाकर समृद्धि की कामना की लेकिन मातृ दिवस इसकी महत्ता को प्रचारित करने के लिए बना है। माँ सिर्फ एक शब्द नहीं, वह ईश्वर के प्रेम का सजीव स्वरूप है। हमारी मातृभू...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.