गिरडीह, मार्च 8 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। काशी विश्वनाथ से पधारे मानस कथा वाचक पंडित ओम प्रकाश जी महाराज ने कहा कि कथावाचन और कथा श्रवण के प्रति मनुष्य को संशय नहीं रखना चाहिए। यही जीवन का मूल सार है और इसी से मनुष्य का जीवन सुखमय होता है। घुठिया ग्राम में आयोजित रामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ कथा में पंडित ने शुक्रवार की रात शिव और सती के प्रसंग के दौरान उक्त बातें प्रवचन में कहीं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी हो कथा कहने वाला और सुनने वाला दोनों में ही देव समाहित होते हैं। इसलिए कथा सुनने में मानव को किसी प्रकार का संशय नहीं करना चाहिए और निश्चल भाव से प्रभु की कथा सुनकर मनुष्य को अपना जीवन सुखमय बनाना चाहिए। कहा कि कलिकाल में भगवान की कथा सर्वोपरि है। इसलिए भगवान की कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी प्रकार की विघ्न बाधा और क्लेश दूर होता ...
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