बिहारशरीफ, दिसम्बर 23 -- नालंदा साहित्य उत्सव 06 : कथक की जड़ें नवाबों के दरबार में नहीं, गया के गांवों में हैं : शोभना नारायण प्रसिद्ध नृत्यांगना ने किया खुलासा-गया के पास मिले आठ कथक गांव, सरकारी दस्तावेजों में भी है जिक्र पटना म्यूजियम की मौर्यकालीन मूर्तियों में भी मिलती है कथक की झलक, ईसा पूर्व से है जुड़ाव ऋषिकेश सुलभ बोले-स्थानीयता खत्म होने से समाज क्रूर हो गया, स्त्रियों की आजादी छिन गई एआई के दौर में भी रियाज का कोई विकल्प नहीं, युवा पीढ़ी में आज भी है समर्पण फोटो: शोभना कथक: राजगीर में नालंदा साहित्य उत्सव के दौरान शोभना नारायण, लेखक ऋषिकेश सुलभ और मनीषा कुलश्रेष्ठ। शोभना कथक 01: राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय समागम केंद्र में मंगलवार को नालंदा साहित्य उत्सव में श्रोता। राजगीर/बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान टीम। कथक नृत्य की उत्पत्ति को लेकर...