भागलपुर, जून 16 -- कुरसेला, निज प्रतिनिधि कुरसेला का धार्मिक पावन गंगा-कोसी संगम तट, जो ऐतिहासिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अस्थि भस्म का विसर्जन किया गया था, वहां आज श्रद्धालुओं की सुरक्षा इंतजाम के साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। हर दिन यहां हजारों लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं और पर्व-त्योहारों के दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र संगम पर डुबकी लगाने आते हैं। इसके बावजूद संगम घाट पर न तो कोई सुरक्षा उपाय है, न ही कोई बुनियादी सुविधाएं। नतीजतन, रविवार को एक और युवक की गंगा में स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई। पोठिया, रूचदेव सिमरिया से अपने संबंधी के अंतिम संस्कार में आए कुंदन मंडल (35 वर्ष) स्नान के दौरान गहरे पानी में जाकर डूब गए। घंटों मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव बरामद किया। इससे पहले...
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