मिर्जापुर, अप्रैल 5 -- जिगना/मिर्जापुर। प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र के कोठरी गांव से जिले छानबे क्षेत्र के नदिनी तक गंगा में लगभग 22 किलोमीटर की कछुआ सैंक्चुअरी ऐरिया में बखौफ अवैध रूप से बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है। वन विभाग से लेकर दो जनपदों की जिला प्रशासन की सारी निगरानी हवा-हवाई साबित हो रही है। गंगा नदी के इस क्षेत्र में जलीय और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ईको सेंसटिव जोन घोषित भी किया गया है। इसके लिए किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों, खनिज पदार्थों के खनन-परिवहन व भंडारण को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है, बावजूद इसके नोडल विभाग की उदासीनता के चलते जहां एक ओर हरगढ़ से खैरा गांव तक गंगा में जाल बिछाकर शिकारी मछली, कछुआ का शिकार कर रहे हैं। वहीं गंगा की तराई में खनन व परिवहन माफिया चौबीसों घंटे माफिया बेरोक-टोक बालू का अ...