सिमडेगा, मई 4 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले का पारंपरिक लकड़ी और वुड कार्विंग के कारिगर इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर कच्चे माल और बाजार की आपूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने इस उद्योग की कमर तोड़ दी है। कारोबारियों के अनुसार वर्तमान स्थिति में करीब 30 फीसदी तक काम प्रभावित हुआ है। बताया गया कि वुड कार्विंग के काम में लकड़ी को खास ब्लैक टच देने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। ऐसे में सिलेंडर महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। ऐसे में तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि करना मजबूरी है। यह भी पढ़ें- लकड़ी और वुड कार्विंग उद्योग पर दोहरी मार, कारोबार पर गहराया संकट उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो न केवल कारोबार प्रभावित होगा बल्कि इससे जुड़े कारीगरों की रोजी-रोटी भी ...