नई दिल्ली, जुलाई 14 -- अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आग और भड़क गई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है तो अमेरिका ने इसमें नाकेबंदी शुरू कर दी है। इसकी वजह से ऊर्जा संकट बढ़ गया है। क्योंकि, दुनिया की 20% ईंधन की सप्लाई होर्मुज के रास्ते होती है। ऐसे में कच्चे तेल के आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं। होर्मुज के बंद होने से भारत को क्यों फर्क पड़ता है? भारत ने अब अलग-अलग देशों से तेल मंगवाकर इस रास्ते पर अपनी निर्भरता थोड़ी कम कर ली है, लेकिन एलपीजी गैस की समस्या बनी हुई है। भारत अपनी रसोई गैस का करीब 60 फीसदी आयात करता है, और अब तक यह गैस करीब 90 फीसदी होर्मुज रास्ते से ही आती रही है। अगर यह बंदी बनी रही, तो विशेषज्ञ कहते है...