नई दिल्ली, जुलाई 30 -- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर हर देश में एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश में फ्यूल की कीमतें बाजार तय करता है या सरकार। विशेषज्ञ इसे "पास-थ्रू इफेक्ट " कहते हैं, यानी कच्चे तेल की कीमत में बदलाव का कितना हिस्सा पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों तक पहुंचता है।1. खुले बाजारों में सबसे तेज असर जिन देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरी तरह बाजार तय करता है, वहां कच्चे तेल की कीमत बदलने का असर बहुत जल्दी दिखता है। असर पहले सप्ताह से शुरू हो जाता है। दूसरे सप्ताह में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। तीसरे और चौथे सप्ताह तक नई कीमतें पूरी तरह लागू हो जाती हैं। हालांकि इसका असर टैक्स पर भी निर्भर करता है। जहां ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी ज्यादा होती है, वहां कच्चे तेल की कीमत बदलने का असर अपेक्षाकृ...