पीलीभीत, जून 3 -- पीलीभीत। बालश्रम उन्मूलन के लिए कचहरी में रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत होटल, रेस्टोरेन्ट, ढाबों आदि पर कार्यवाही करते हुए एक बाल श्रमिक को चिन्हित कर बालश्रम से मुक्त करकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति ने बालक के परिजनों को भविष्य में बाल श्रम ने कराने की हिदायत देते हुए बालक को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 अंतर्गत खतरनाक प्रक्रिया में दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरूद्ध एक वर्ष तक की सजा या 50000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। इसके अलावा सेवायोजक से प्रति बाल श्रमिक 20000 रुपये की वसूली चाइल्ड लेबर वेलफेयर फंड के लिए प्रथक से की जायेगी। अगर कोई बाल श्रमिक के माता-पिता को प्रथम बार चेतावनी के...