हल्द्वानी, अप्रैल 9 -- हल्द्वानी। प्रमोद डालाकोटी। उत्तराखंड में अभिभावकों पर न केवल निजी स्कूलों की महंगी फीस की मार पड़ रही है, बल्कि अब शिक्षा विभाग की अपनी पुस्तकों ने भी उनके बजट को गड़बड़ा दिया है। पहली कक्षा से एनसीईआरटी और उत्तराखंड शिक्षा विभाग की पुस्तकों के अंतर ने अभिभावकों को 'महंगाई' के पाठ में उलझा दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कक्षा एक की किताबों में अभिभावकों को 105 रूपए अधिक देने पड़ रहे हैं। यह भी तब जब उत्तराखंड और एनसीईआरटी की पुस्तक एक जैसी हैं। उच्च प्राथमिक में भी बढ़ गया बोझजैसे-जैसे कक्षाएं बढ़ रही हैं। कीमतों का यह अंतर भी बढ़ता जा रहा है। कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों के लिए किताबों का बोझ सीधा दोगुना हो गया है। कक्षा 3 से 5 एनसीईआरटी 6 किताबों का पूरा सेट मात्र Rs.390 में उपलब्ध है। वहीं उत्तराखंड बो...