आरा, मार्च 8 -- -रमजान का महीना सामाजिक सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने में भी मददगार होता है आरा/बिहिया। निज संवाददाता। माह-ए-रमजान के तीन असरा (अवधि) के पहले 10 रोजा खत्म हो चुका है। 10 से 20 रमजान के मगफिरत का दूसरा असरा जारी है। 12 मार्च से तीसरा असरा शुरू होगा। रोजेदारों की मानें तो माह ए रमजान के दूसरे असरे में नेक बंदा अपने गुनाहों की जो भी माफी सच्चे दिल से मांगते हैं, तो अल्लाह ताला उसे बख्श देते हैं। बताते चलें कि माहे रमजान को तीन असरा में बांटा गया है। पहला रोजा से दस रमजान तक का अवधि रहमत का होता है। यानी पहला रोजा से दस रोजा तक रोजेदारों पर अल्लाह की रहमतों की बरसात होती हैं। रोजेदार बगही निवासी जुबैर खान कहते हैं कि माह ए रमजान मोहब्बत, सौहार्द और भाईचारे का पैगाम भी देता है। रोजा भूख प्यास के अलावा हर इंसान की निजी ख्वाहिश प...