यरूशलेम, फरवरी 27 -- राजनीति और कूटनीति की दुनिया में अक्सर सब कुछ पहले से तय यानी स्क्रिप्टेड और रस्मी होता है, जैसे- हाथ मिलाने का अंदाज, चेहरे की मुस्कान और यहां तक कि बोलने के शब्द भी तय होते हैं। लेकिन द यरूशलेम पोस्ट के मुख्य संपादक ज्विका क्लेन ने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो उनका अनुभव इस पारंपरिक कूटनीति से बिल्कुल अलग था। क्लेन ने अपने हालिया लेख में पीएम मोदी के साथ किंग डेविड होटल के सुइट में हुई इस मुलाकात और इजरायली संसद (नेसेट) में उनके ऐतिहासिक भाषण का बेहद रोचक विवरण दिया है।कलम की परीक्षा और मोदी का आत्मविश्वास क्लेन अपने लेख की शुरुआत एक बेहद दिलचस्प और मानवीय किस्से से करते हैं। 1.4 अरब लोगों के नेता को अपनी कलम सौंपने से पहले वे थोड़े घबराए हुए थे। उन्होंने चुपके से अपनी नोटबुक के कोने पर एक लाइन खीं...