प्रयागराज, मार्च 21 -- प्रयागराज। एक दौर था कि शराब की दुकानों के लिए लाइसेंसियों में जमकर बवाल होता था और अब तो कई-कई दुकानों पर एक को छोड़कर दूसरे आवेदक भी नहीं मिले। बरौत की सबसे महंगी बिकी देसी शराब की दुकान पर महज एक आवेदन हुआ था। अब सोचने वाली बात है कि जिस दुकान को इतने महंगे में उठाया गया, उसके लिए दूसरे लोगों ने रुचि भी नहीं ली। करोड़ में उठने वाली देसी की 20 दुकानों में पांच पर केवल एक-एक लोगों ने ही आवेदन किया था। आठ दुकानों पर लड़ाई हुई, लेकिन आवेदक महज दो रहे। तीन दुकानों पर तीन-तीन लोगों ने आवेदन किया था। चार लोगों ने एक दुकन पर, दो दुकनों पर छह-छह लोगों ने और महज एक दुकान पर 12 लोगों ने आवेदन किया था। इसके बाद सभी दुकानें लाख में उठी हैं, करोड़ में नहीं। वहीं अंग्रेजी में जानसेनगंज की दुकान पर एक आवेदन आया था। बलुआघाट की दु...