गंगापार, सितम्बर 30 -- क्षेत्र के विभिन्न गांवों में औसत दस लोगों को प्रतिदिन आवारा कुत्तों द्वारा घायल किया जा रहा है। कुत्तों के अलावा बिल्ली, बंदर और सियार से घायल मरीजों को भी सीएचसी में इलाज होता है। मांडा के तीनों पीएचसी में डाक्टर या सुविधाओं का अभाव होने के कारण अधिकतर ऐसे घायल मरीज मिर्जापुर या प्रयागराज जिला चिकित्सालय चले जाते हैं। पिछले एक महीने में मांडा सीएचसी के अभिलेखों के मुताबिक कुत्तों से घायल 309 मरीज, बिल्ली से घायल 17 मरीज, बंदर से घायल पांच मरीजों के साथ ही सियार आदि अन्य जीव जंतुओं से घायल छह मरीजों का मांडा सीएचसी में इलाज किया गया। औसत दस मरीज प्रतिदिन कुत्तों से घायल होकर सीएचसी मांडा पहुंचे, जिनको एंटी रैबीज वैक्सीन और दवा दी गई। यह आंकड़ा केवल मांडा सीएचसी का है। मांडा के केड़वर, महेवा कला व दोहथा पीएचसी में ए...