औरैया, मार्च 21 -- औरैया, संवाददाता। विश्व जल दिवस 22 मार्च के मौके पर जिले में जल संरक्षण की जमीनी हकीकत चिंताजनक नजर आ रही है। एक ओर सरकार अमृत सरोवर जैसी योजनाओं के जरिए जल संरक्षण का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर ये सरोवर सूखे पड़े हैं और कूड़ाघर में तब्दील हो चुके हैं। लगातार हो रहे जल दोहन और लापरवाही के चलते ग्रामीण ही नहीं, शहरी इलाकों में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जिले के भिखरा व कुदरकोट गांव में बना अमृत सरोवर इसका बड़ा उदाहरण है। मौके पर पड़ताल करने पर यह सरोवर पूरी तरह सूखा मिला, भिखरा गांव के तालाब में जलकुंभी का ढेर लगा हुआ है और आसपास कूड़ा फैला पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के समय से ही कार्य में अनियमितताओं की शिकायतें होती रहीं, जिसके चलते यह सरोवर पूरी तरह विकसित नहीं हो सका। आज स्थिति यह है कि पा...