औरैया, मार्च 18 -- औरैया, संवाददाता। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों का भविष्य संवारने वाले शिक्षामित्र आज खुद अपने भविष्य को लेकर अंधेरे में हैं। कभी सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित होकर खुशियां मनाने वाले इन शिक्षा मित्रों के जीवन में मानदेय की कटौती और सेवा की अनिश्चितता ने मानसिक तनाव भर दिया है। लंबी ड्यूटी और घर से दूर तैनाती के कारण शिक्षामित्रों को पारिवारिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। आपके अपने अखबार हिंदुस्तान के साथ चर्चा में विभिन्न शिक्षामित्रों ने अपनी पीड़ा साझा की और सरकार से सम्मानजनक समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का स्थाईकरण या सम्मानजनक मानदेय वृद्धि हो। महिला शिक्षामित्रों को गृह ब्लॉक या निवास के निकट स्कूल में तैनाती मिले आकस्मिक/चिकित्सीय अवकाश की सुविधा भी मिले हम लोगों ...
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