लोहरदगा, मार्च 25 -- लोहरदगा, संवाददाता।लोहरदगा सदर प्रखंड के ग्राम ओयना अलगडीहा में प्रकृति के पावन पर्व सरहुल पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। इस दौरान ढोल-मांदर की गूंज और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच महिलाएं एवं पुरुष नृत्य करते हुए नजर आए, जिससे पूरे गांव में उत्सव का माहौल बना रहा। मंगलवार शाम से प्रारंभ हुआ यह पर्व बुधवार तक लगातार चलता रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर सरना स्थल पर प्रकृति की पूजा-अर्चना की और अच्छे मौसम, अच्छी फसल तथा समाज की खुशहाली की कामना की। सरहुल पर्व आदिवासी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह प्रकृति, जल, जंगल और जमीन के प्रति आस्था एवं सम्मान का प्रतीक है। इस दिन लोग सखुआ वृक्ष के फूलों की पूजा कर धरती माता और प्रकृति देवता का आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही य...